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दरभंगा के केवटी BDO पर EOU की बड़ी कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति मामले में 6 ठिकानों पर छापेमारी

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दरभंगा के केवटी प्रखंड के BDO चंद्र मोहन पासवान के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में दरभंगा और मधुबनी के छह ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

दरभंगा/आलम की खबर:दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चंद्र मोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की बड़ी कार्रवाई ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। बुधवार को EOU की टीम ने दरभंगा और मधुबनी जिले में स्थित कुल छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई कई घंटों तक चली, जिसके दौरान टीम ने विभिन्न स्थानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात जब्त किए। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

जानकारी के अनुसार आर्थिक अपराध इकाई को लंबे समय से BDO चंद्र मोहन पासवान के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, सरकारी योजनाओं में अनियमितता और आर्थिक गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। प्रारंभिक जांच में कुछ तथ्यों के सामने आने के बाद EOU ने विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई।

बुधवार सुबह अचानक EOU की टीम दरभंगा और मधुबनी जिले के अलग-अलग स्थानों पर पहुंची और एक साथ छापेमारी शुरू कर दी। दरभंगा जिले में केवटी प्रखंड कार्यालय, सरकारी आवास, बहादुरपुर क्षेत्र स्थित निजी आवास और एक रिश्तेदार की दुकान को जांच के दायरे में लिया गया। वहीं मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड स्थित पैतृक गांव बौंसी में भी टीम ने कार्रवाई की। इसके अलावा एक मॉल और नर्सिंग होम में भी छापेमारी की गई।

सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान टीम ने संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, जमीन के कागजात और अन्य वित्तीय विवरण अपने कब्जे में लिए हैं। अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और लेन-देन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी जांच के लिए जब्त किए हैं। हालांकि EOU की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर बरामद सामग्री का विस्तृत ब्योरा जारी नहीं किया गया है।

छापेमारी समाप्त होने के बाद EOU के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए कागजात और रिकॉर्ड का मिलान आय के ज्ञात स्रोतों से किया जाएगा। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

मामले के शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि BDO चंद्र मोहन पासवान ने सरकारी सेवा के दौरान बड़े पैमाने पर संपत्ति अर्जित की है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनकी संपत्ति बिहार के अलावा नेपाल तक फैली हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केवटी प्रखंड की विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की गई और सरकारी राशि के इस्तेमाल में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

शिकायतकर्ता ने EOU की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से मामले की जांच की मांग की जा रही थी। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और सरकारी महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है। दरभंगा और आसपास के इलाकों में दिनभर EOU की छापेमारी चर्चा का विषय बनी रही। स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं होती रहीं। कई लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में वित्तीय दस्तावेजों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। बैंक खातों, जमीन की खरीद-बिक्री, निवेश और संपत्ति के अन्य स्रोतों का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है। जांच एजेंसियां आय और संपत्ति के बीच अंतर का आकलन कर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाती हैं।

EOU की इस कार्रवाई को बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है। हाल के वर्षों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। सरकार भी भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाने की बात कहती रही है।

फिलहाल EOU की टीम छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में अनियमितता के आरोपों को लेकर जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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